
बेंगलुरु: नकली दवाएं बनाने और सप्लाई करने वाले कथित नेटवर्क के खिलाफ जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को बड़ी सफलता मिली है। टीम ने मामले के मुख्य आरोपी बताए जा रहे प्रशांत रंजन बाबू को गिरफ्तार कर लिया है।
अधिकारियों के अनुसार, प्रशांत के खिलाफ पहले ही लुकआउट नोटिस जारी किया गया था। जांच एजेंसी को जानकारी मिली थी कि मामला सामने आने के बाद वह देश छोड़कर अजरबैजान चला गया था। विदेश से वापस लौटते ही उसे बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया।
एयरपोर्ट पर SIT ने की गिरफ्तारी
जानकारी के मुताबिक, सोमवार को प्रशांत रंजन बाबू जैसे ही केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचा, SIT अधिकारियों ने उसे हिरासत में ले लिया। जांच एजेंसी लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी।
अधिकारियों का कहना है कि नकली दवा बनाने और बेचने वाले नेटवर्क की जांच के दौरान प्रशांत की भूमिका सामने आई थी। इसके बाद उसके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू की गई थी।
अजरबैजान भागने की जानकारी मिली थी
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, मामला सामने आने के बाद प्रशांत अजरबैजान चला गया था। एजेंसी को उसके विदेश में होने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया।
बताया जा रहा है कि 9 सितंबर को वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद वह अजरबैजान में कस्टम अधिकारियों की हिरासत में था। इसके बाद उसके भारत लौटने पर SIT ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
रामनगर फार्महाउस से सामने आया था नेटवर्क
नकली दवाओं के इस मामले की जांच के दौरान रामनगर के डोड्डारी इलाके में एक फार्महाउस से कथित नेटवर्क का पता चला था।
जांच एजेंसी के अनुसार, इसी जगह से नकली दवाओं के निर्माण और सप्लाई से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग मिले थे। इसके बाद मामले की जांच को आगे बढ़ाया गया और कई पहलुओं की पड़ताल शुरू हुई।
मुख्य आरोपी के रूप में हुई पहचान
SIT ने जांच के दौरान प्रशांत रंजन बाबू को इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी बताया है। एजेंसी अब उससे पूछताछ कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, सप्लाई चैन और आर्थिक लेन-देन की जानकारी जुटाने की तैयारी कर रही है।
जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नकली दवाएं कहां बनाई जाती थीं, किन इलाकों में सप्लाई की जाती थीं और इसमें कितने लोग शामिल थे।
जांच नए चरण में पहुंची
प्रशांत की गिरफ्तारी के बाद नकली दवा मामले की जांच अब एक नए चरण में पहुंच गई है। SIT अधिकारियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।
नकली दवाओं का कारोबार लोगों के स्वास्थ्य से सीधे जुड़ा मामला होता है, इसलिए जांच एजेंसियां ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई करती हैं।
अन्य आरोपियों और नेटवर्क पर नजर
SIT अब इस मामले में जुड़े अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का फोकस पूरे नेटवर्क को उजागर करने और इसमें शामिल लोगों तक पहुंचने पर है।
इसके अलावा नकली दवाओं की खरीद, निर्माण, पैकिंग और सप्लाई से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
आगे की कार्रवाई जारी
फिलहाल प्रशांत रंजन बाबू को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसी आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे और कार्रवाई की जा सकती है।
नकली दवाओं के इस मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसियों की नजर पूरे नेटवर्क को खत्म करने और इससे जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने पर है।





